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Khudgarziyaan

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किताब के बारे में

“ज़िंदगी हसीन भी है, ज़हर ग़मगीन भी है,

तरसती ख़िज़ाओं संग … थोड़ी रंगीन भी है,

उलझ गए सुलझाने वाले … ऐसी ये पहेली है,

ज़रा सी शौक़ीन और ज़रा नमकीन भी है …”

ख़ुदगर्ज़ियाँ मेरे उन जज़्बातों का संग्रह है जिनको मैं कभी ज़ुबान नहीं दे पाया और शायद ना ही कभी दे पाऊँगा। कुछ मोहब्बत से भरे कुछ कसक से भरे … कुछ इंतज़ार में डूबे और कुछ प्यास में डूबे, ये जज़्बात आज आपके दिल पर दस्तक दे रहे हैं … उम्मीद है ये दस्तक क़बूल होगी!

कवि के बारे में

हरमनजीत सिंह पूनीया, पंजाब के फ़तेहगढ़ साहिब ज़िले के रहने वाले एक उभरते कहानीकार व शायर हैं। ‘ख़ुदगर्ज़ियाँ’ उनका हिन्दी कविता का पहला संग्रह है। इससे पहले उनकी प्यार के एहसास में डूबी कहानियों का संग्रह ‘पश्मीना’ अंग्रेज़ी में प्रकाशित हो चुका है; जो हर पढ़ने वाले के दिल को छू जाने में कामयाब रहा।

Other Details

ISBN: 978-81-947513-7-3

Format: Paperback

Language: Hindi

Date of Publishing: 12-06-2021

10 in stock

Category:

Additional information

Weight 100 g
Dimensions 8 × 5 × 1 in

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